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रामपुर: लोकसभा चुनाव 2019 में उत्तर प्रदेश की हाई प्रोफाइल सीट में शामिल रामपुर से जीतने वाले गठबंधन के प्रत्याशी आजम खान ने बड़ा बयान दिया है। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आजम खान पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़े और जीत दर्ज की।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान के खिलाफ भाजपा ने फिल्म अभिनेत्री तथा पूर्व सांसद जयाप्रदा को मैदान में उतारा था। आजम खान ने अपनी निकटतम प्रतिद्वन्दी जया प्रदा को एक लाख 9 हजार 997 वोटों से हरा दिया। खान को पांच लाख 59 हजार 177 वोट मिले जबकि जया प्रदा को चार लाख 49 हजार 180 वोट मिले। कांग्रेस प्रत्याशी संजय कपूर को 35 हजार नौ वोट मिले। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के नेपाल सिंह यहां से जीते थे।
आजम खान ने कल देर रात मंडी समिति पहुंचकर जीत का प्रमाण पत्र लिया। इस दौरान कहा कि अगर लोग यह कहते हैं कि मुझे खास वर्ग का वोट मिल गया है तो यह सच नहीं है। सभी धर्म और सभी जातियों का वोट हमें मिला है। इसकी तस्दीक करना चाहते हैं तो मेरी जीत के स्टेशन देख लें। आजम कहते हैं कि अगर किसी को इसकी (सभी वर्गों का वोट मिलने का) तस्दीक करना है तो उन्होंने जिन बूथों पर जीत हासिल की है, वहां से इसका पता लगा सकते हैं। मैं अपने विरोधियों से कहना चाहता हूं कि अगर मुझे सभी धर्म और जातियों का वोट नहीं मिला होगा तो आज से आठवें दिन इस्तीफा दे दूंगा। उन्होंने कहा कि जो दायित्व मुझे दिया गया है, उसे पूरा करुंगा। रामपुर की जनता मुझसे ऐसे ही प्यार करती रहे। मैं भी उनके लिए सब कुछ करता रहूंगा। हमारे राजनीतिक विरोधियों ने हम पर तरह-तरह के आरोप लगाए। इसकी हमें शिकायत है। हमारे मरे हुए मां-बाप को भी कोसा। आज के दिन तक हमें गालियां दीं।
आजम खान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरी बार जीते हैं। इतना बड़ा जनादेश लेकर आए हैं। यह लोगों का करिश्माई फैसला है। उम्मीद करते हैं कि लोगों से बदला नहीं लेंगे। एक खास वर्ग के दिल में जो उदासी और मायूसी है, वो नहीं होने देंगे। वह शैक्षिक संस्थाओं को बर्बाद नहीं करेंगे। स्कूल-कॉलेजों की दीवारें नहीं तुड़वाएंगे। यूनिवर्सिटी में ताला नहीं डलवाएंगे। भाजपा की प्रत्याशी जया प्रदा पर आजम खान ने कहा कि हमने चुनाव में किसी का नाम नहीं लिया। हमें इस बात की शिकायत है कि मीडिया बंधुओं और हमारे राजनीतिक विरोधियों ने हम पर घटिया इल्जाम लगाए।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गठबंधन की हवा नहीं चली, यह तो मंथन का विषय है। यकीनन इस पर विचार होना चाहिए। उम्मीद करते हैं कि हमारी पार्टी के सीनियर लोग बैठेंगे और इस पर विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में मेरे साथ अन्याय हुआ है। अन्याय नहीं होता तो मेरी लीड तीन लाख की होती।
आजम के विरोधी नहीं बचा सके कांग्रेस प्रत्याशी की जमानत
गठबंधन प्रत्याशी समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को हराने के लिए उनके विरोधी एकजुट थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी का खुलकर समर्थन किया, लेकिन सब मिलकर भी कांग्रेस प्रत्याशी की जमानत तक नहीं बचा सके। आजम विरोधियों के इस तरह धड़ाम होने की शहर में चर्चा रही। कांग्रेस ने पहली बार लोकसभा चुनाव में हिंदू प्रत्याशी पर दांव खेला था। इससे पहले हर बार मुस्लिम प्रत्याशी ही उतारा गया। इस बार कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव संजय कपूर को टिकट मिला। वह दो बार बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। अपनी साफ छवि के चलते आजम खान के विरोधी उनके साथ आ गए।
इनमें पूर्व विधायक अफरोज अली खां और उनकी पत्नी पूर्व पालिकाध्यक्ष रेशमा बी ने भी कांग्रेस प्रत्याशी का साथ दिया। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हाफिज अब्दुल सलाम भी खुलकर कांग्रेस प्रत्याशी के साथ खड़े रहे। पहले कांग्रेस और बसपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके पूर्व मंत्री नवेद मियां, शहर विधानसभा क्षेत्र से दो बार चुनाव लडऩे वाले डॉ. तनवीर आदि नेताओं ने कांग्रेस प्रत्याशी का चुनाव लड़ाया। राष्ट्रीय लोक दल के प्रदेश महासचिव रहे आसिम खां भी पार्टी छोड़कर कांग्रेस में आ गए थे। प्रत्याशी के मजबूती से लडऩे के कयास लगाए जाने लगे थे, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी की जमानत तक जब्त हो गई।
अब रामपुर विस सीट पर होगा उप चुनाव
समाजवादी पार्टी के आजम खान के रामपुर लोकसभा सीट से विजयी होने के बाद अब यहां पर विधानसभा सीट खाली हो गई है। ऐसे में अब यहां पर उपचुनाव होना तय है। रामपुर से नौ बार विधायक रहने वाले आजम खान पहली बार लोकसभा के समर में उतरे और जीत दर्ज की। अब रामपुर की विधानसभा सीट खाली हो गई है। इस सीट पर जल्द ही अब उप चुनाव करवाया जाएगा। अब शपथ लेने के बाद आजम खान सांसद का दायित्व संभालेंगे। उनकी पत्नी डा. तजीन फात्मा पहले ही राज्यसभा सदस्य हैं। वहीं उनके पुत्र अब्दुल्ला स्वार टांडा से विधायक हैं।

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