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नई दिल्ली: उन्नाव रेप पीड़िता को उत्तर प्रदेश के लखनऊ से एयरलिफ्ट करने के बाद दिल्ली लाया जा चुका है. इसके लिए दिल्ली पुलिस ने आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल वन से सफदरजंग अस्पताल तक के बीच का लगभग 13 किलोमीटर का जो रास्ता है उसे ग्रीन कॉरिडोर में तब्दील किया. जिसकी बदौलत 13 किलोमीटर का यह सफर महज 18 मिनट में पूरा किया जा सका. पीड़िता को रात लगभग 8:22 बजे दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से एम्बुलेंस में लेकर निकला गया था, जिसके बाद 8:40 बजे उसे सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया जा चुका था. आपको बता दें कि पीड़िता की हालत गंभीर है. उसे आज तड़के उन्नाव में आरोपियों ने ज्वलनशील पदार्थ डालने के बाद जला दिया था.

क्या है ग्रीन कॉरिडोर

ग्रीन कॉरिडोर का मतलब यह होता है कि इस कॉरिडोर में कोई भी सामान्य यातायात या व्यक्ति नहीं आ सकता. यह कॉरिडोर विशेष तौर पर मरीजों के वाहन यानी एंबुलेंस के लिए या फिर कोई मानव अंग एयरपोर्ट या अन्य जगह से अस्पताल तक पहुंचाने के लिए तैयार किया जाता है. इसके लिए यातायात पुलिस पूरे कॉरिडोर पर एक रूट तैयार करती है, जिसे सामान्य यातायात से मुक्त रखा जाता है. अस्पताल पहुंचने तक ग्रीन कॉरिडोर के मध्य में किसी अन्य वाहन को आने की इजाजत नहीं दी जाती है. एंबुलेंस को पुलिस के वाहन एस्कॉर्ट करके एयरपोर्ट से अस्पताल लेकर चलते हैं और अंतिम पड़ाव तक पहुंचने के बाद ही पुलिस वापस लौटती है.

लगभग 2 घण्टे में लखनऊ के अस्पताल से सफदरजंग अस्पताल पहुंची पीड़िता

पुलिस सूत्रों के अनुसार उन्नाव रेप पीड़िता को आज शाम लगभग साढ़े 6 बजे लखनऊ के अस्पताल से वहां के एयरपोर्ट ले जाया गया. जहां से उसे एयरलिफ्ट करके दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट लाया गया. यहां पर पीड़िता लगभग 8:15 बजे पहुंच गई. जिसके बाद 8:22 पर एयरपोर्ट के टर्मिनल वन से पीड़िता को एंबुलेंस में लेकर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के बर्न वार्ड में लाया गया.

यूपी महिला आयोग की वाईस चेयरपर्सन भी थी मौजूद

यूपी महिला आयोग की वाईस चेयरपर्सन सुषमा सिंह भी सफदरजंग अस्पताल के बर्न वार्ड के बाहर मौजूद थीं. उनका कहना है कि वह आयोग के काम से आज बागपत आयीं थी. सुबह उन्हें इस घटना का पता चला. वह शुक्रवार को पीड़िता से मिलने के लिए लखनऊ जाने वाली थीं लेकिन इस बीच उन्हें जानकारी मिली कि पीड़िता को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल लाया जा रहा है, जिसके बाद वह यहां पहुंच गयीं. उनका कहना है कि पीड़िता के उपचार के लिए यूपी सरकार की तरफ से पूरी मदद की जा रही है. पीड़िता और उसके परिजनों की सुरक्षा के लिए भी बंदोबस्त किये गए हैं. पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

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